राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन नीति बनाई जाए सांसद (कैट ) राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल की मांग

23 February, 2025, 6:42 pm

खंडेलवाल ने राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन नीति की मांग की

चांदनी चौक से सांसद और कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट ) के राष्ट्रीय महामंत्री  प्रवीन खंडेलवाल ने राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन नीति बनाने की मांग की है । एक प्रैस विज्ञप्ति जारी करके  उन्होंने कहा कि प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ ने धार्मिक पर्यटन की अपार आर्थिक संभावनाओं को स्पष्ट रूप से उजागर किया है। अनुमान है कि इस महाकुंभ में 60 करोड़ श्रद्धालु पवित्र स्नान करेंगे, जिससे 3 लाख करोड़ रूपए  से अधिक का व्यापार उत्पन्न होने की संभावना है।उन्होंने कहा कि  महाकुंभ की अपार सफलता यह दर्शाती है कि भारत में धार्मिक पर्यटन को व्यवस्थित रूप से विकसित और बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय नीति की सख्त जरूरत है।

धार्मिक पर्यटन से रोजगार सृजन होगा 

चांदनी चौंक लोकसभा क्षेत्र से सांसद प्रवीण खंडेलवाल कहते है कि  भारत अपनी विविध धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत के कारण प्रत्येक वर्ष में  करोड़ों तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को आकर्षित करता है। लेकिन, व्यापक नीति के अभाव में बुनियादी ढांचे, सुरक्षा, स्वच्छता और धार्मिक स्थलों के प्रबंधन से जुड़ी कई चुनौतियाँ सामने आती हैं। एक सुव्यवस्थित राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन नीति इन समस्याओं का समाधान करने के साथ-साथ इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और सांस्कृतिक संरक्षण की क्षमता को भी साकार करेगी।

धार्मिक पर्यटन की प्रस्तावित नीति के प्रमुख बिंदु

श्री खंडेलवाल ने इस नीति के महत्वपूर्ण पहलुओं को रेखांकित करते हुए कहा कि इसमें निम्नलिखित बिंदुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

आधुनिकीकरण और संरक्षण – धार्मिक स्थलों के उचित रखरखाव, आधुनिकीकरण और संरक्षण को सुनिश्चित करना। बुनियादी ढांचे और सुविधाओं का विस्तार तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए परिवहन, आवास, स्वच्छता और सुरक्षा को सुदृढ़ करना।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा – धार्मिक पर्यटन के माध्यम से स्थानीय व्यवसायों, हस्तशिल्प और पारंपरिक उद्योगों को प्रोत्साहित करना।
पर्यावरण-अनुकूल और सतत पर्यटन – धार्मिक स्थलों पर कचरा प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण और सतत पर्यटन उपायों को लागू करना।डिजिटल और स्मार्ट पर्यटन एकीकरण ऑनलाइन बुकिंग, वर्चुअल टूर और डिजिटल मैपिंग की सुविधा उपलब्ध कराना।
सुरक्षा और आपदा प्रबंधन प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को प्रभावी बनाना।प्रवीण खंडेलवाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन नीति भारत को वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

उन्होंने पर्यटन मंत्रालय से आग्रह किया कि वह संबंधित हितधारकों के साथ परामर्श करके इस नीति का मसौदा तैयार करे और इसे शीघ्र लागू करे, ताकि भारत में धार्मिक पर्यटन को संगठित और समृद्ध क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा सके।