बिहार की राजनीति में पति-पत्नी का जलवा कायम

26 March, 2019, 12:58 pm

राजनीति में परिवारवाद और वशंवाद एक कड़वी सच्चाई है । बिहार की राजनीति भी इससे अछूती नही है। बिहार का सामाजिक समीकरण बदल गया । वोटों का समाज शास्त्र भी बदल गया । अगर कुछ नही बदला तो वो है पति-पत्नि का हस्तक्षेप । लोकसभा , विधानसभा और विधानपरिषद की दहलीज पर पहुंची । बिहार में तो दो पीढ़ी भी संसदीय राजनीति में अपनी थाक जमा चुकी है । 

आपको याद होगा कि वर्ष 1997 में उस समय के मुख्यमंत्री लालूप्रसाद यादव ने अपनी पत्नी राबड़ी देवी पर भरोसा जताया और लालू-राबड़ी युग की शुरूआत कर दी । 

सिन्हा दंपति का भी बिहार की राजनीति में अहम स्थान रहा है।  1980 में सत्येंद्र नारायण सिंह और किशोरी सिन्हा और उनके पुत्र निखिल कुमार और पुत्रवधू श्यामा सिन्हा ने बारी-बारी से औंरगाबाद लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया ।

स्वतंत्र पार्टी जापलो के मुखिया पप्पू यादव और उनकी पत्नि रंजीत रंजन दो-दो बार लोकसभा में पहुंच चुके है । इसी तरह आनंद मोहन और उनकी पत्नि लवली आनंद, सूरजभान और उनकी पत्नि वीणा देवी लोकसभा के लिए बारी-बारी से चुने गए । दिग्विजय सिंह उनकी पत्नि पुतुल सिंह , अजित सिंह और उनकी पत्नि मीना सिंह लोकसभा में पहुंच चुकी है । 

बिहार विधानसभा में दो पीढ़ी का दांपत्य भी एक साथ प्रतिनिधत्व कर चुका है । नवादा जिले के युगल किशोर यादव और उनकी पत्नि गायत्री देवी एमएळए चुनी गए थे । उसके बाद उनका बेटा और बहु कौशल यादव और पूर्णिमा यादव भी एमएलए बनी । भागलपुर के निर्वतमान सांसद बुलो मंडल की पत्नी वर्षा रानी बिहार में एमएलए है । 

बिहार विधान परिषद में भी कई जोडिया है । मसलन एमएलए नीरज कुमार बबलू की पत्नि नूतन सिंह विधान पार्षद है । एमएलए पूनम देवी के पति ऱणबीर यादव एमएलए रह चुके है । रामदेव वर्मा और उनकी पत्नि मंजू प्रकाश दो बार साथ-साथ विधानसभा में पहुंच चुके है । शकुनी चौधरी और उनकी पत्नि पार्वती देवी भी एमएलए रह चुके है । प्रदीप जोशी और उनकी पत्नि ज्योति रश्मि भी एमएलए रहे है । विधान पार्षद दिनेश प्रसाद सिंह की पत्नि वीणा देवी एमएलए रही है । 

सांसद रमादेवी के पति ब्रजबिहारी प्रसाद भी एमएलए रह चुके है । रमा देवी एमएलए भी रह चुकी है । गोविंदगंज की एमएलए रही मीना द्विवेदी के पति सत्येन्द्र दुबे भी एमएलए रह चुके है । बरबीघा के एमएलए सुर्दशन कुमार के माता-पिता संजय कुमार सिंह और सुशीला देवी बारी-बारी से एमएलए रह चुकी है ।